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ग़रीबों के लिए मसीहा है स्कूटर पर लंगर बांटने वाला यह आदमी

Sikh man turns messiah for needy in Nagpur amid COVID crisis

कोरोना महामारी के बीच कई लोग है जो मसीहा बने हुए हैं और लोगों की मदद कर रहे हैं. इन्ही में शामिल हैं एक सिख जो अपने स्कूटर पर लंगर लेकर नागपुर की गलियों में निकलता है. यह सिख गली-गली घूमता है और ज़रूरतमंदों को मुफ़्त में भोजन प्रदान कर रहा है. जी हाँ, इस सिख का नाम जमशेद सिंह कपूर है. यह एक पेशेवर ज्योतिष हैं और यह रोज़ाना लंगर सेवा के तहत दोपहर तीन बजे से लोगों में दाल खिचड़ी बांटते हैं. जमशेद सिंह कपूर का कहना है कि ''वो ये लंगर सेवा 2013 से करते आ रहे हैं.'' 

इस बारे में बात करते हुए जमशेद सिंह कपूर ने कहा- 'इससे पहले केवल ग़रीब लोग खाना लेते थे, लेकिन महामारी और लॉकडाउन के चलते छोटे भोजनालय बंद हैं. इसलिए जिनके पास पैसे हैं और वो कुछ ख़रीदकर खाना चाहते हैं, ऐसे लोग भी इस सेवा का लाभ उठा रहे हैं.' आज जमशेद सिंह कपूर नागपुर की गलियों में 'लंगर सेवा' लिखी टी-शर्ट पहने लोगों को दाल खिचड़ी देने जाते हैं. वह अपने स्कूटर के ऊपर खिचड़ी से भरा बर्तन बांधकर घर से निकलते हैं और हर किसी को वह खिचड़ी देते हैं. जमशेद सिंह कपूर ने बताया एक भिखारी उनके पास खाना लेने आता था.

एक दिन वो उन्हें कपड़ों से भरी एक थैली दे गया. उसे देते हुए भिखारी ने कहा था कि जब उसकी मौत हो जाते तो ये कपड़े वो दूसरे ज़रूरतमंद लोगों में बांट दें. जमशेद सिंह कपूर ने वो थैली रख ली. उसकी मौत के बाद जमशेदजी ने वो थैली खोली तो उसमें कपड़ों के साथ 25000 रुपये भी थे. जमशेद सिंह कपूर ने कहा इसके बारे में भिखारी ने कुछ नहीं बताया था. रुपए देखने के बाद जमशेद सिंह कपूर ने उन रुपयों से लंगर बनाकर लोगों में बांटा था. उन्होंने कभी अनाज तो कभी सब्ज़ी तो कभी रुपये दान कर अपनी लंगर सेवा को जारी रखा है. वह हर दिन हज़ारों लोगों को लंगर सेवा देते हैं.

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