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बहुत इस्तेमाल करते होंगे घड़ी पाउडर लेकिन इसके बारे में कुछ पता है?

ghari detergent powder history

घड़ी डिटर्जेंट के बारे में आप अच्छे से जानते होंगे। यह पाउडर जब बाजार में आया था तो लोगों ने पहले घड़ी डिटर्जेंट को इस्तेमाल किया और विश्वास आज तक क़ायम है. वैसे इसकी टैगलाइन हैं " पहले इस्तेमाल करे फिर विश्वास करे"।  आज के समय में जितना बेहतरीन घड़ी डिटर्जेंट है, उतनी ही दिलचस्प इसके बनने की कहानी भी है. जी हां, आप शायद ही जानते होंगे कि घड़ी डिटर्जेंट की शुरुआत कानपुर के दो भाईयों मुरली बाबू और बिमल ज्ञानचंदानी ने की थी.

आपको बता मुरली बाबू और बिमल ज्ञानचंदानी कानपुर के रहने वाले हैं. इन दोनों के जीवन की शुरुआत कानपुर के शास्त्री नगर से हुई. कहा जाता है भाईयोंं ने फजलगंज फ़ायर स्टेशन के पास डिटर्जेंट की एक फ़ैक्ट्री खोली. पहले फजलगंज की ये फ़ैक्ट्री छोटी थी, लेकिन भाईयों के अरमान बड़े थे. इसी के दोनो भाईयो के अंदर मेहनत और जुनून भी था जिसे साथ लेकर दोनो चले थे. ऐसे में दोनों ने शहर में श्री महादेव सोप इंडस्ट्री नाम से फ़ैक्ट्री तो खोली, लेकिन काफ़ी समय तक काम नहीं चला.

यह सब होने के बाद भी दोनों भाई डटे रहे. देखते ही देखते दोनों ने यूपी में अपने डिटर्जेंट की ब्रांडिंग तेज़ कर दी. उस समय घड़ी के सामने निरमा और व्हील जैसे बड़े ब्रांड थे. इसके चलते उन्हें पछाड़ कर आगे निकलना था. उस दौर में अमूनन डिटर्जेंट पीले या नीले रंग के होते थे, पर दोनो ने सफ़ेद डिटर्जेंट बनाया. उस समय घड़ी की क्वालिटी अच्छी थी और दाम कम. सबसे ख़ास बात थी घड़ी की टैगलाइन. देखते ही देखते घड़ी सुपरहिट हो गया. अब आज तक यह लोगों का फ़ेवरेट बना हुआ है. 

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