Trending Topics

सबसे पहले इस कम्पनी ने लोगों को सिखाया शेव करना

How Gillette innovated and improved its market share in India

आज के समय में दाढ़ी-मूंछ आते ही लोग शेविंग कर लेते हैं, वहीँ कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हे यह रखना पसंद होता है. वैसे क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर लोगों को शेव करना सबसे पहले किसने सिखाया...? आज हम आपको उन्ही से मिलवाने जा रहे हैं. कहा जाता है दाढ़ी-मूंछ पर सबसे पहले गौर फ़रमाया किंग कैंप जिलेट ने. उस समय वह लोहे का व्यापार किया करते थे. ऐसे में एक बार एक कर्मचारी ने उनको कहा कि 'उनकी कंपनी को ऐसी चीज़ बनानी चाहिए जो बार इस्तेमाल करने के बाद फेंकनी पड़े. इससे लोग हमारा उत्पाद बार-बार ख़रीदने हमारे पास आएंगे.' 

जिस दौरान यह बात हो रही थी उस दौरान कर्मचारी दाढ़ी पर हाथ फेर कुछ सोच रहा रहा था. इसी बीच कैंप के दिमाग़ में रेज़र बनाने का आईडिया आ गया और वो शेविंग को आसान और सरल बनाने की खोज में जुट गए. कुछ ही समय बाद वो रेज़र लेकर आए जो पहले के ब्लेड से कई गुणा अच्छा था. इसे बनाने में उन्हें सालों का समय लग गया और साल 1903 में इसका उत्पादन शुरू हुआ. सबसे पहले साल कंपनी ने 51 रेज़र और 168 ब्लेड बेचे थे. जब बिक्री कम हुई तो कंपनी घाटे में जाने लगी. इसके बाद कैंप ने शेविंग कैसे करना ये सीखाने के लिए मैगज़ीन में इश्तेहार निकाले.

साल 1904 के अंत तक कंपनी ने करीब 90 हज़ार रेज़र और 1 करोड़ 24 लाख ब्लेड का बनाए और बेच डाले. जिससे मुनाफ़ा हुआ.  कुछ ही सालों बाद जिलेट ने अपने रेज़र का पेटेंट भी करवा लिया. अब उनके रेज़र के जैसे और रेज़र बनाने वाले मार्केट में आ गए. सिरिक, विलकिंसन, निंजा, लेंसर और टोपाज़ जैसे ब्रांड मार्केट में आ चुके थे, लेकिन जिलेट ने भी हार नहीं मानी. उसने न सिर्फ़ अपनी शेविंग किट को सस्ता और किफ़ायती बनाया बल्कि उसके डिज़ाइन पर भी काम करना शुरू कर दिया. उसके बाद साल 1957 में कंपनी ने रेज़र का स्टाइल बदल दिया. अंत में ऐसा रेज़र निकाला जिसे 4-5 पांच बार इस्तेमाल किया जा सकता था. उसके बाद से आज तक Gillette दुनियाभर में नंबर वन कंपनी बनी हुई है.

आखिर क्यों अधिकतर हरी या भूरे रंग की ही होती हैं Beer की बोतल?

इस रेगिस्तान पर आते हैं एलियन्स!

जानिए क्यों नीचे बैठकर खाना खाने की सलाह देते हैं बड़े-बुजुर्ग

 

1