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कही आप भी तो नहीं Phishing के शिकार, चलिए जानते है क्या है ये बला

7 steps can save you from Phishing scheme

सारे काम आज ऑनलाइन हो रहे हैं जिससे हर किसी को सुविधा भी हो रही है। हर कोई अपने दस्तावेज़ अब ऑनलाइन सेव करके रखता है जिससे कहीं भी अगर ज़रूरत हो तो उसे तुरंत पाया जा सकता है। यह तो रही ऑनलाइन की बात और उससे हो रहे फायदे। अब बात करते हैं ऑनलाइन घोटाले की जो काफी बढ़ते जा रहे हैं। 

ऐसा आपके साथ भी कई बार हुआ होगा जिसमे आपको बहकावे वाले मैसेज किये जाते हैं और उन्ही मैसेज के द्वारा आपसे आपके पर्सनल और आपके बैंक की सारी जानकारी ले लेते हैं। इसी जानकारी के तौर पर आपके अकाउंट के साथ छेड़छाड़ की जाती है और आप शिकार हो जाते हैं फिशिंग (Phishing) के। जी हाँ, आपने इसके बारे में सुना ही होगा कि क्या होती है फिशिंग। तो आज हम आपको आपको इसी के  बारे में बताने जा रहे हैं।

आइये जानते हैं क्या है ये बला और इससे कैसे बचा जा सकता है। 

आपको बता दे फ़िशिंग योजनाएं एक प्रकार का घोटाला है जिसमें साइबर अपराधी आपके ज़रूरी और खास डेटा तक पहुँचने की कोशिश करते हैं और उनकी जानकारी हासिल कर लेते हैं। ऐसे ही कई ईमेल आते होंगे आपके पास भी जिसमे आपको कोई भी लिंक को क्लिक करने के लिए कहा जाता है। साथ ही कोई ना कोई ऐप भी होती हैं जिन्हे डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है।

इसमें आपके पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड की जानकारी मांगते हैं। अगर आप नहीं जानते फिशिंग के बारे में तो अपने ईमेल में जा कर उसके निर्देश पढ़ सकते हैं और जान सकते हैं इसके बारे में। वहीँ, अगर आप इस ऑनलाइन घोटाले से बचना चाहते हैं तो आज हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे ही निर्देश जिनसे आप इस धोखाधड़ी से बच सकते हैं और अपने डेटा को सुरक्षित रख सकते हैं। आइये जानते हैं ये सात कदम। 

1. सबसे इंटरनेट डिस्कनेक्ट करें

फ़िशिंग योजनाएं तेजी से बढ़ रही हैं और जिससे क्राइम भी बढ़ते जा रहे हैं। अगर आप भी इसका शिकार हो चुके हैं तो घबराइए मत सबसे पहले गहरी सांस ले। लेकिन आपको बता दे अगर फिशिंग हमला हुआ है तो इसका मतलब ये नहीं है कि आपका पर्सनल और काम का डेटा चोरी हो चूका है। फ़िशिंग योजनाएं अलग-अलग हैं, इसलिए आप आगे क्या करेंगे इस पर निर्भर करता है कि किस प्रकार के फ़िशर ने आपको टारगेट किया। 

यदि आप एक धोखाधड़ी वाले ईमेल से कुछ भी डाउनलोड करते हैं तो सबसे पहले वाई-फाई बंद करें और इंटरनेट डिस्कनेक्ट करें। वहीँ अगर आप फ़िशर की पहुंच को जल्दी से अपने कंप्यूटर पर निकाल देते हैं, तो आप फ़िशर को मैलवेयर डालने से रोक सकते हैं। लेकिन अगर आपने किसी धोखेबाज वेबसाइट के लिंक पर क्लिक किया है तो आपकी जानकारी यानी आपका नाम, ईमेल और पासवर्ड के  स्क्रीनशॉट ले चुके होंगे और उससे आपकी सारी जानकारी उस अपराधी तक पहुँच जाएगी। 

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