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Sikh Regiment से जुड़े अनोखे फैक्ट्स

Facts About The Brave Sikh Regiment Of The Indian Army

साल 1947 में भारत-पाकिस्तान बीच युद्ध हुआ था, उस समय कश्मीर को बचाने के लिए श्रीनगर वैली को अपने कब्ज़े में रखना भारतीय सेना के लिए बहुत ज़रूरी था. इसी के चलते भारतीय सेना के इतिहास में पहली बार किसी रेजिमेंट को एयरलिफ़्ट कर घाटी में उतारा गया था. आपको बता दें कि यह भारतीय सेना का गौरव रही सिख रेजिमेंट थी, जिसके जवानों ने अपनी जान की बाज़ी लगाकर उस घाटी को बचाया था. ऐसे में आज हम आपको भारतीय सेना की शौर्य और पराक्रम का पर्याय बन चुकी सिख रेजिमेंट से जुड़े कुछ दिलचस्प फ़ैक्ट्स बताने जा रहे हैं.

 

कहा जाता है Anglo-Sikh War(1845) में सिखों ने अंग्रेज़ों से जमकर लोहा लिया था. उस समय उनकी वीरता और साहस को देखते हुए ही इस युद्ध को जीतने के बाद सिख रेजिमेंट स्थापित करने की योजना बनाई थी. साल 1846 में 1 अगस्त के दिन इसकी स्थापना हुई थी. इन्होंने इसका नाम 11 सिख रेजिमेंट रखा था. 

साल 1846 में इसकी स्थापना के बाद 21 सैनिकों की एक बटालियन को अफ़गानिस्तान में भेजा गया था. जी दरअसल उन्हें सारागढ़ी क़िले पर तैनात किया था. यह सब देखकर साल 1897 में अफ़गानिस्तान के क़बीलों ने हमला कर दिया. वह 10,000 थे और ये सिर्फ़ 21. लेकिन फिर भी इन्होंने अफ़गानों को धूल चटाई थी. 

साल 1897 में 12 सितंबर को बैटल ऑफ़ सारागढ़ी को सिखों के दम पर अंग्रेज़ों ने जीता था. उस दिन ये रेजिमेंट अपना रेजिमेंटल डे सेलिब्रेट करती है. आपको बता दें कि UNESCO ने बैटल ऑफ़ सारागढ़ी को दुनिया के सबसे बेहतरीन 8 युद्धों में शामिल किया है.

जी दरअसल बैटल ऑफ़ सारागढ़ी में शहीद हुए 21 जवानों को परमवीर चक्र के बराबर माने जाने वाले विक्टोरिया क्रॉस से ब्रिटिश सरकार ने सम्मानित किया था. आपको बता दें कि अपनी स्थापना से लेकर अब तक सिख रेजिमेंट 1600 से अधिक वीरता पुरस्कार जीत चुकी है. 

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