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आखिर कैसे आसमान में बनते हैं ओले और क्यों?

How hailstorm is formed and when do hailstorms occur in India

आजकल देश के कई हिस्‍सों में भारी बारिश की चेतावनी दी जा चुकी है. ऐसे में कई राज्यों में तो भारी बारिश होने भी लगी है. इस लिस्ट में मध्‍यप्रदेश भी है जहाँ ओले (Hail) गिरने से कई जिलों में फसल को नुकसान पहुंचा है.  वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग की रिपोर्ट (Weather report) में यूपी (Uttar Pradesh) के भी कई शहरों में भारी बारिश और ओलावृष्ठि (Hailstorm) की चेतावनी दी गई है. अब सवाल यह सामने आता है कि आसमान में ये ओले बनते कैसे हैं? आपको बता दें कि मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट (Skymet) के मुताबिक, सबसे ज्‍यादा ओले गिरने का खतरा सर्दी और प्री-मानसून में होता है. जी दरअसल ओले गिरने के सबसे ज्‍यादा मामले दोपहर के बाद या देर शाम से रात के बीच होने वाली बारिश में सामने आते हैं. अब हम आपको बताते हैं आसमान में आखिर ओले क्यों और बनते कैसे हैं.

आसमान में ओले  (Hails) क्‍यों और कैसे बनते हैं?

अगर हम आसान भाषा में इसे समझें तो ओले जमी हुई बर्फ का एक रूप हैं, जो बारिश के दौरान आसमान से गिरते हैं. वहीं स्थितियों के मुताबिक, इनका आकार मटर के दाने से लेकर छोटे आकार वाले आलू के बराबर तक हो  सकता है. आप सभी को बता दें कि ओले गिरने पर इसका सीधा असर फसलों पर पड़ता है. 

अब हम यह जानते हैं कि आखिर ये आसमान में बनते कैसे हैं? जी दरअसल स्काईमेट (Skymet) की माने तो, जब आसमान में तापमान जीरो डिग्री से भी कम हो जाता है तो हवा में मौजूद नमी ठंडी बूंद के रूप में जम जाती है. वहीं नमीं के जमने के कारण बूंदें ही बर्फ के छर्रों की तरह नजर आती हैं. ऐसे में इनका आकार बढ़ने और बारिश के लिए तेज दबाव बनने पर ये गिरने शुरू हो जाते हैं. इसी को ओलावृष्ठि (Hailstorm) कहा जाता है. 

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