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साल के 12 महीने लेकिन फरवरी में ही क्यों कम होते है दिन

12 months of the year but why are the days shorter only in February

आज वर्ष का आखिरी दिन है और कल से जनवरी की शुरुआत होने वाली है. लेकिन आज हम फरवरी के बारें में बात कर रहे है फरवरी वर्ष का सबसे छोटा महीना है, जिसमें सिर्फ 28 या 29 ही होते हैं. जब भी फरवरी (February Calendar) आती है तो हर कोई माह के दिनों की बात करता होगा. मगर कभी आपने सोचा है कि आखिर फरवरी (February Month Story) के साथ ही ऐसा किसलिए होता है. हर वर्ष में 12 माह होते हैं और हर महीने के दिन तय हैं, इसमें किसी महीने में 30 तो किसी माह में 31 दिन आते हैं. लेकिन, फरवरी की कहानी कुछ और ही है.

 

दरअसल, फरवरी के माह में कभी 28 तो कभी 29 दिन ही आते है. लेकिन, क्या आप जानते हैं इसके पीछे भी खास कारण है, इसके कारण से फरवरी में ही ऐसा होता है. तो जानते हैं उस वजह के बारे में, इससे फरवरी का माह छोटा होता है और साल के दूसरे 11 महीनों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है.

फरवरी में क्यों होते हैं 28 दिन?: खबरों का कहना है कि हमारी पृथ्वी सूर्य का चक्कर लगाने में 365 दिन और 6 घंटे लग जाते है. और इसलिए ही हर 4 वर्ष में फरवरी के महीने में एक दिन अधिक जोड़कर इसका संतुलन बनाया दिया जाता है. इस साल को लीप ईयर भी बोला जाता है. यह पृथ्वी के सूर्य के चक्कर लगाने पर निर्भर करता है और बाकी महीनों में 30 या 31 दिन होने के उपरांत फरवरी में एडजस्ट करने के लिए सिर्फ 28 दिन और कुछ घंटे ही बचते हैं तो इस महीने में ऐसे ही एडजस्ट भी कर चुके है. इस वजह से फरवरी में 28 दिन होते हैं और चार साल के उपरांत 29 दिन हो जाते हैं.

फरवरी में ही क्यों एडजस्ट होते हैं दिन: अब प्रश्न ये है कि आखिर फरवरी में ही ये दिन एडजस्ट क्यों हो जाते है और यह मार्च, जनवरी या दिसंबर में क्यों एडजस्ट नहीं हो सकते है. फरवरी में दिन एडजस्ट होने के पीछे भी एक वजह है. जिसके कारण से पहले एक साल में सिर्फ 10 ही माह होते थे और वर्ष की शुरुआत मार्च से होती थी. वहीं, अभी की तरह साल का आखिरी महीना दिसंबर ही था और दिसंबर के बाद मार्च आता था. हालांकि, बाद में जनवरी और फरवरी महीने जोड़े गए. वर्ष 153 BC में जनवरी की शुरुआत हुई थी, लेकिन इससे पहले 1 मार्च साल का पहला दिन ही हुआ करता था. साथ ही पहले जब 10 महीनों का वर्ष होता था तो महीने के दिन ऊपर-नीचे होते रहते थे. फिर जब वर्ष में दो महीने जोड़े गए तो दिन को भी उसी हिसाब से विभाजित भी कर दिया गया. जिसके उपरांत फरवरी में 28 दिन हो गए और 4 वर्ष के हिसाब से 29 दिन आने लगे. तब ये है ही कैलेंडर चलता आ रहा है, जबकि पहले यह कैलेंडर कई बार चेंज भी हो चुका है.

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