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आपके मरने की इच्छा को भी पूरी तरह से मार देगा पोस्टमार्टम रूम

Post mortem room will completely kill your desire to die

अक्सर लोग किसी किसी चीज़ को लेकर ज्यादा परेशानी में आ जाते हैं। कभी कभी तो इतने डिप्रेस्ड होजाते हैं कि उन्हें अपनी ज़िन्दगी एक बोझ की तरह लगने लगती है। ऐसे में वो अपनी ज़िन्दगी को बर्बाद कर लेते हैं या फिर अपनी ज़िन्दगी को खत्म करने की सोच लेते हैं। आज कुछ ऐसा ही आर्टिकल लेकर आये हैं हम आपके लिए। जिसे पढ़ कर आप अपनी ज़िन्दगी से प्यार करने लगेंगे।

तो क्या कभी आपने पोस्टमार्टम देखा है। तो जानिए आज उसके बारे में।

 

अब शुरू होता है पोस्ट मार्टम

30 लाशों के लिए बनाये गए मुर्दाघर में 60 बॉडी रखी गयी हैं। पोस्ट मार्टम के समय आस-पास से भीड़ भी इकट्ठा हो जाती है। लेकिन इस बात से कर्मचारी को कोई फर्क नही पड़ता है, वो बेझिझक अपने काम में लगा रहता है। ऐसे में पोस्ट मार्टम के कार्यक्रम को थोड़ी देर होल्ड पर रख कर ज़रा मुर्दाघर का जायज़ा चाय और पानी के साथ ले लेते हैं। एक छोटा सा हॉल है और उसी से जुड़ा हुआ पोस्ट मार्टम रूम। एक कमरा और है पर उससे आ रही वो गंध जो आपको आपके कदम पीछे खींचने पर मजबूर कर देगी।

आप देखते हैं कि कोल्ड स्टोर का दरवाज़ा खोलने पर दिखता है मृत शरीर, जिनमें कुछ महिलाएं भी हैं। इतने में एक कर्मचारी बोल पड़ता है कि प्रॉब्लम ये है, की ये सब लावारिस लाशें हैं। इनकी कोई पहचान नहीं कर पाया। एक जूनियर असिस्टेंट बताता है कि, ‘सात डॉक्टर चाहिए होते हैं इस काम में। पर हम तीन ही हैं। न सफाई के लिए केमिकल है और न ही ज़रूरी सोलुशन।

फर्श की सफाई भी यहां बस पानी से ही की जाती है। कुछ बॉडी तो इस हालत में पहुंच चुकी हैं कि फ़र्क कर पाना मुश्किल है, ये आदमी का शरीर है या औरत का? आपको बता दें कि सतेन्द्र जैन जो दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री हैं, इन मुर्दाघरों के निरीक्षण के लिए गए थे, तो बीमार पड़ गये थे। एक डॉक्टर बताते हैं कि ये सबसे बुरा और खतरनाक काम है। हाई कोर्ट ने इन मुर्दाघरों को लेकर सरकार को सख्त निर्देश दिए हैं। रेनोवेशन और मरम्मत के आदेश भी दिए जा चुके हैं।

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