Trending Topics

आखिर क्यों पूजा में इस्तेमाल होता है आसान?

why asana is used in worship

हम सभी जानते ही होंगे कई सवाल होते हैं जिनके जवाब खोज पाना मुश्किल होता है. ऐसे में कुछ सवाल सनातन धर्म में पूजा पाठ से भी जुड़े हैं. वैसे हर जवाब के पीछे कोई ना कोई लॉजिक होता है. अब आज हम आपको बताने जा रहे हैं आखिर क्यों पूजा में होता है आसन का इस्तेमाल?

जी दरअसल सनातन धर्म में पूजा को लेकर कई नियम बताए गए हैं। कहा जाता है हर देवी- देवता की उपासना के लिए अलग मंत्र जाप, फल, फूल तथा प्रसाद अर्पित किया जाता है। ऐसे में इन सभी चीजों को अपना एक अलग अहमियत होता है। वहीं शास्त्रों में इन सभी चीजों की खास अहमियत बताई गई है। वैसे तो कई लोग भूमि पर बैठकर आराधना कर लेते हैं लेकिन अगर धार्मिक दृष्टि से देखा जाए तो ऐसा करना उचित नहीं माना जाता है। जी दरअसल हम सभी को पूजा पाठ आसान पर बैठ कर करना चाहिए और इसके कुछ विशेष नियम हैं जो सभी को पता होना चाहिए।

कहते हैं पूजा करते वक़्त कंबल या ऊनी आसन बिछाकर उपासना करना सबसे श्रेष्ठ है। शास्त्रों में भिन्न-भिन्न रंगों के आसन की खास अहमियत होती है। कहा जाता है लाल रंग के आसन पर हनुमान जी तथा माता दुर्गा की आराधना करने के लिए सबसे उत्तम कहा जाता है। वहीं मंत्र सिद्धी के लिए कुश का बना आसन श्रेष्ठ होता है। ऐसा भी कहा जाता है कभी भी पूजा करते वक़्त किसी दूसरे शख्स के आसन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इसी के साथ आसन के उपयोग के पश्चात् इधर-उधर न छोड़ें। इससे आसन का निरादर होता है। वहीं पूजा के आसन को हमेशा साफ हाथों से उठाकर ठीक तरीके से निर्धारित जगह पर रखना चाहिए।

वेकेशन एन्जॉय कर रहीं हैं हिना खान

2.50 लाख रूपए किलो बिकता है ये समुद्री खीरा

ये है दुनिया का सबसे दुर्लभ गुलाब

 

1